Latest Blogs

abhishek testing

testing

road

Art of Being Still

तुम क्या खुद को ख़ुदा समझते हो?

16 April 2021, 07:51 PM

31°c , India

Idiosyncratic Inklings

Idiosyncratic Inklings  

तुम क्या खुद को ख़ुदा समझते हो?

  • 83

हर एक को यहां बुरा समझते हो,

तुम क्या खुद को ख़ुदा समझते हो?

और जो उससे मेरी बुराइयां करते हो,

तुम क्या उसे मुझसे जुदा समझते हो?

read more

Me... Nitin Kalal

  • 1.3K

Hello, Everyone.

I am Nitin Kalal.

read more

तुम क्या खुद को ख़ुदा समझते हो?

  • 83

हर एक को यहां बुरा समझते हो,

तुम क्या खुद को ख़ुदा समझते हो?

और जो उससे मेरी बुराइयां करते हो,

तुम क्या उसे मुझसे जुदा समझते हो?

Me... Nitin Kalal

  • 1.3K

Hello, Everyone.

I am Nitin Kalal.

इंसानियत निभाते है

  • 1.3K
  • 1

है सफ़र में कुछ साथी अपने,
कुछ दुर तक साथ निभाते है।।

खूबसूरती की याद में…

  • 1.3K

ख़ुदा भी खूबसूरती में कयामत के रंग भर देता है,

रुखसार पर जब एक काला तिल रख देता है।

आँखे वैसे ही कातिलाना हैं उनकी,

वो सुरमे से सजाकर उन्हें कटार कर देता है।।

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः

  • 1.4K

“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः ।”

अर्थात जहाँ नारियों की पूजा होती है,ईश्वर वहां निवास करते है।