Tag: children

है यकीं मुझे कि मैं कुछ भी नहीं। नन्हा सा कण हूँ अपनी ज़िंदगी का । जब मैं खुद अपनी ज़िंदगी ही नहीं, तो मुझे यकीं है कि मैं कुछ भी नहीं।   यहां हर कण की अहमियत है दुनिया में। खासियतें हैं, ज़रूरतें हैं। चाहतें हैं हर कण की कहीं ना कहीं। पर मैं […]

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ज़िन्दगी की हकीकत से जो पाला पड़ा है। अहमियत बचपन की तब समझ आयी। जिस लड़कपन की चाह में बचपन बिताया, उस लड़कपन ने अच्छे से नानी याद दिलाई। ज़िम्मेदारियों की बेड़ियों ने पाँव जो जकड़ा, तो समझ आया कि पतंगों के मांजे क्यों कच्चे थे। बड़े हो गए यूँही बड़े होने की चाह में, […]

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