Tag: hindi poem

मैने सोचा था जिसे वो ख्वाब हो तुम, मेरी आँखों में बसी वो शोखी हो तुम। जो महसूस हो वो खुशबू हो तुम।। राज़-ए-दिल तुमसे ही छुपाने चले।। जिनसे दामन झुलसा वो शोला हो तुम। ना हम समझ सके, ना तुम समझ सके। जिसने हमें तबाह किया वो कयामत हो तुम।   ये खामोशी, ये […]

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है यकीं मुझे कि मैं कुछ भी नहीं। नन्हा सा कण हूँ अपनी ज़िंदगी का । जब मैं खुद अपनी ज़िंदगी ही नहीं, तो मुझे यकीं है कि मैं कुछ भी नहीं।   यहां हर कण की अहमियत है दुनिया में। खासियतें हैं, ज़रूरतें हैं। चाहतें हैं हर कण की कहीं ना कहीं। पर मैं […]

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ज़िन्दगी की हकीकत से जो पाला पड़ा है। अहमियत बचपन की तब समझ आयी। जिस लड़कपन की चाह में बचपन बिताया, उस लड़कपन ने अच्छे से नानी याद दिलाई। ज़िम्मेदारियों की बेड़ियों ने पाँव जो जकड़ा, तो समझ आया कि पतंगों के मांजे क्यों कच्चे थे। बड़े हो गए यूँही बड़े होने की चाह में, […]

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भीड़ से भड़क्के से ज़िन्दगी के तेज़ घुमते चक्के से थोड़ा थक चुकी थी मैं. जाने कहाँ जाने की जल्दी थी मुझे किस लिए कदमो को दौड़ाये हाथों को सिमटाए, दिल को सीने में दबाये चले जा रही थी. . मेरा दिल तो धड़कनों की आवाज़ में कह रहा था. “ये जो चलते, भागते, तेज़ […]

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ख़ुदा भी खूबसूरती में कयामत के रंग भर देता है, रुखसार पर जब एक काला तिल रख देता है। आँखे वैसे ही कातिलाना हैं उनकी, वो सुरमे से सजाकर उन्हें कटार कर देता है।। कौन कम्बखत कहता है कि कुदरत में फेरबदल नही होते, वो झरोखें में आए तो खुद ख़ुदा ईद की, तारीखों में […]

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याद है मुझे मेरा हर आँसूं.. हर सिसकी.. तन्हाई में बीता हर लम्हा.. अब आदत सी है तनहा जीने की.. इंतज़ार के घूँट पीने की.. अब तो सच है… तेरे आने का यकीं भी नहीं मुझे.. याद में तेरी शामें भिगोना.. किस्मत सा बन गया है.. तेरे इंतज़ार में जीना.. बस एक ज़रुरत सा बन […]

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My brain.. My prison.. Prison of my thoughts.. Prison of my feelings.. Captive of my beliefs.. Tied in its perception.. Drifting in its notion.. Constrained.. Confined.. Cramped up.. Till a wave comes.. To engulf it whole.. Powerful.. And potent.. That embrace the beauty.. Enrage the vigor.. Giving the release. Let those pressures go, express yourself. […]

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  तू साथ तब तक तो देना ऐ ज़िन्दगी की प्यास हर पूरी हो जाए. कहीं पानी छलछला रहा हो आँखों में और प्यास अधूरी ही रह जाए… तू साथ तब तक तो देना ऐ ज़िन्दगी की सांस हर पूरी हो जाए. कहीं खुशबुओं की फुहार हो आसपास और सांस अधूरी ही रह जाए… तू […]

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ज़िन्दगी तू भी एक शिक्षिका है पानी सा अविरल बहने की, पर्वतों सा अडिग खड़े रहने की, धुएं सा ऊंचा बढ़ने की तू प्रेरणा है. क्यूंकि…ज़िन्दगी तू भी एक शिक्षिका है. सिखलाये तू अजब तरीकों से, अलग रास्तों से, अलग सलीकों से. सीखे गर कोई तुझसे तो तू तक्षशिला है. क्यूंकि…ज़िन्दगी तू भी एक शिक्षिका […]

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“सुनो”, श्रीमतीजी ने फ़रमाया, “तुम्हारी बहन का whatsapp पे पैगाम है आया”. बीवी की बात पे श्रीमानजी ने मुँह बिचकाया, बोले,” क्या जो परसों बोला था, वही है दोहराया?” श्रीमतीजी की पढ़ते-पढ़ते त्योरियां यूँ चढ़ गयी. फिर श्रीमतीजी पीछे सोफे पे धम्म से पड़ गयी. बोली,” बहन जो तुम्हारी है, बातें क्या दोहराएगी. लिखा है […]

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