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“यह वंदन की भूमि है, अभिनन्दन की भूमि है, यह तर्पण की भूमि है, यह अर्पण की भूमि है। इसका कंकर-कंकर शंकर है, इसका बिन्दु-बिन्दु गंगाजल है।।” स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की लिखी हुई यह कविता, भारत भूमि की महानता की एक सुन्दर सी व्याख्या करती है। भारत विश्व का एकमात्र राष्ट्र है […]

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ज़िन्दगी की हकीकत से जो पाला पड़ा है। अहमियत बचपन की तब समझ आयी। जिस लड़कपन की चाह में बचपन बिताया, उस लड़कपन ने अच्छे से नानी याद दिलाई। ज़िम्मेदारियों की बेड़ियों ने पाँव जो जकड़ा, तो समझ आया कि पतंगों के मांजे क्यों कच्चे थे। बड़े हो गए यूँही बड़े होने की चाह में, […]

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“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः ।” अर्थात जहाँ नारियों की पूजा होती है,ईश्वर वहां निवास करते है। . भारतीय समाज की पहली सीख। सबसे आदर्श और सभ्य संस्कृति जहाँ नारी को भी दुर्गा के रूप में शक्ति का प्रतिक मानकर पूजा जाता है। जहां माँ का स्थान पिता से अधिक माना जाता है, देवी सरस्वती को […]

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भीड़ से भड़क्के से ज़िन्दगी के तेज़ घुमते चक्के से थोड़ा थक चुकी थी मैं. जाने कहाँ जाने की जल्दी थी मुझे किस लिए कदमो को दौड़ाये हाथों को सिमटाए, दिल को सीने में दबाये चले जा रही थी. . मेरा दिल तो धड़कनों की आवाज़ में कह रहा था. “ये जो चलते, भागते, तेज़ […]

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“सुनो”, श्रीमतीजी ने फ़रमाया, “तुम्हारी बहन का whatsapp पे पैगाम है आया”. बीवी की बात पे श्रीमानजी ने मुँह बिचकाया, बोले,” क्या जो परसों बोला था, वही है दोहराया?” श्रीमतीजी की पढ़ते-पढ़ते त्योरियां यूँ चढ़ गयी. फिर श्रीमतीजी पीछे सोफे पे धम्म से पड़ गयी. बोली,” बहन जो तुम्हारी है, बातें क्या दोहराएगी. लिखा है […]

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