Tag: life poetry

I often wonder… what had I been if I’d made a different choice back then. I might have been a poet, or an architect building dream homes for people or would be on a farm with my rooster and hen. But no, I’m neither of those. I am what I’m today the way my destiny […]

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ज़िन्दगी की हकीकत से जो पाला पड़ा है। अहमियत बचपन की तब समझ आयी। जिस लड़कपन की चाह में बचपन बिताया, उस लड़कपन ने अच्छे से नानी याद दिलाई। ज़िम्मेदारियों की बेड़ियों ने पाँव जो जकड़ा, तो समझ आया कि पतंगों के मांजे क्यों कच्चे थे। बड़े हो गए यूँही बड़े होने की चाह में, […]

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भीड़ से भड़क्के से ज़िन्दगी के तेज़ घुमते चक्के से थोड़ा थक चुकी थी मैं. जाने कहाँ जाने की जल्दी थी मुझे किस लिए कदमो को दौड़ाये हाथों को सिमटाए, दिल को सीने में दबाये चले जा रही थी. . मेरा दिल तो धड़कनों की आवाज़ में कह रहा था. “ये जो चलते, भागते, तेज़ […]

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Life, I will be back with you in a minute. I am just taking a timeout, In the areas where your boundaries are. The place where you just stop existing. And never dare to go. . Life, I know you are trying to get me back, In the sane areas of your brightness. And the […]

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